Thursday, November 12, 2009

उड़ चल परिंदे

नया need बसाना है
अब जीवन सजाना है
नई उमंग नए साहस का तू
थाम ले आँचल
उड़ चल परिंदे उड़ चल ....

ना तो यह ठिकाने अपने
ना रिश्ते ना नाते है
तेरे सपने तेरी मंजिल
तेरे साथ हर पल
उड़ चल परिंदे उड़ चल....

कुछ खोया यहाँ कुछ पाया है
कुछ समझा कुछ जाना
नए लक्ष्य पर ये जीवन अनुभव
साथ लेता चल
उड़ चल परिंदे उड़ चल....

अंतहीन संघर्ष ही
है जीवन का नाम
रुकना नही थमना नही
जैसे दरिया का जल
उड़ चल परिंदे उड़ चल....

अब ठहरने की बात नही
अब तो मंजिल पास है
तेरे सब संघर्षो का बस
मिलने वाला फल
उड़ चल परिंदे उड़ चल....

No comments:

Post a Comment